कर्ज की दुनिया बाहर से बहुत आकर्षक और आसान दिखती है—"अभी खरीदें, बाद में चुकाएं" (BNPL) और "जीरो कोस्ट EMI" जैसे विज्ञापनों ने उधार लेने को एक लाइफस्टाइल बना दिया है। लेकिन वित्तीय स्वतंत्रता और 'कर्ज के जाल' (Debt Trap) के बीच की लकीर बहुत धुंधली होती है। जब आपका कर्ज आपकी बचत और मानसिक शांति पर हावी होने लगे, तो समझ लीजिए कि आप एक चक्रव्यूह में फंस चुके हैं।
यहाँ हम विस्तार से समझेंगे कि वे कौन से संकेत हैं जो बताते हैं कि आप वित्तीय संकट की ओर बढ़ रहे हैं और इससे बचने के तरीके क्या हैं।
कर्ज के जाल (Debt Trap) के 5 बड़े संकेत
1. 'मिनिमम ड्यू' का मायाजाल
क्रेडिट कार्ड कंपनियां अक्सर आपको केवल 5% 'न्यूनतम देय राशि' भरने का विकल्प देती हैं। कई लोग इसे सुविधा समझते हैं, लेकिन यह सबसे बड़ा जाल है। जब आप केवल न्यूनतम राशि चुकाते हैं, तो बाकी बची हुई राशि पर 36% से 45% तक का सालाना ब्याज लगता है। अगर आप लगातार ऐसा कर रहे हैं, तो आप कर्ज कम नहीं कर रहे, बल्कि उसे अनंत काल तक खींच रहे हैं।
2. एक गड्ढा भरने के लिए दूसरा गड्ढा खोदना
क्या आप अपनी क्रेडिट कार्ड की EMI भरने के लिए पर्सनल लोन ले रहे हैं? या एक कार्ड का बिल दूसरे कार्ड से चुका रहे हैं? वित्तीय भाषा में इसे 'डेट शफलिंग' कहते हैं। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आपकी नकदी का प्रवाह (Cash Flow) टूट चुका है। नया कर्ज पुराने कर्ज को खत्म नहीं करता, बल्कि उसकी लागत (ब्याज और प्रोसेसिंग फीस) को और बढ़ा देता है।
3. 'डेट-टू-इनकम' रेश्यो का बिगड़ना
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, आपकी कुल EMI आपकी टेक-होम सैलरी के 30% से 40% से अधिक नहीं होनी चाहिए। यदि आपकी सैलरी का आधा या उससे अधिक हिस्सा बैंक ले जा रहे हैं, तो आप 'लिविंग ऑन द एज' (जोखिम भरी स्थिति) में हैं। ऐसी स्थिति में एक छोटी सी मेडिकल इमरजेंसी या नौकरी में बदलाव आपको पूरी तरह बर्बाद कर सकता है।
4. बचत का शून्य होना और निवेश टूटना
अगर आप अपनी LIC पॉलिसी सरेंडर कर रहे हैं, PF से पैसे निकाल रहे हैं या अपनी पुरानी बचत को सिर्फ EMI भरने में खर्च कर रहे हैं, तो आप अपने भविष्य को बेचकर वर्तमान का कर्ज चुका रहे हैं। एक स्वस्थ वित्तीय जीवन वह है जहाँ कर्ज के साथ-साथ निवेश भी बढ़े।
कर्ज के जाल से बाहर निकलने का 'एक्शन प्लान'
कर्ज के जाल से निकलना मुश्किल जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं। इसके लिए अनुशासन और सही रणनीति की जरूरत है:
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स्नोबॉल या एवलांच मेथड अपनाएं: या तो सबसे छोटे कर्ज को पहले खत्म करें (स्नोबॉल) ताकि आपको मनोवैज्ञानिक जीत मिले, या सबसे अधिक ब्याज वाले कर्ज (जैसे क्रेडिट कार्ड) को पहले चुकाएं (एवालांच)।
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फालतू खर्चों पर कैंची चलाएं: जब तक आप कर्ज में हैं, तब तक लग्जरी और दिखावे वाले खर्चों को पूरी तरह बंद कर दें। हर बचा हुआ रुपया आपके कर्ज के प्रिंसिपल को कम करने में जाना चाहिए।
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एसेट बेचकर कर्ज कम करें: अगर आपके पास कोई ऐसा एसेट है जो आय नहीं दे रहा (जैसे कोई फालतू जमीन या सोना), तो उसे बेचकर हाई-इंटरेस्ट वाले कर्ज को खत्म करना एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है।
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प्रोफेशनल मदद लें: यदि स्थिति नियंत्रण से बाहर है, तो बैंक से बात करें और 'लोन रिस्ट्रक्चरिंग' या 'सेटिस्फेक्ट्री सेटलमेंट' के विकल्पों पर चर्चा करें।