भारत के नेशनल पार्क्स में बचाये जा रहे हैं ये विलुप्तप्राय जीव, जानिए इनके बारे में

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Posted On:Thursday, May 28, 2026

भारत दुनिया के सबसे समृद्ध जैव विविधता (Biodiversity) वाले देशों में से एक है। यहाँ के जंगल, रेगिस्तान, दलदल, घास के मैदान और हिमालयी क्षेत्र वन्यजीवों की एक अद्भुत विविधता को सहारा देते हैं। बढ़ते शहरीकरण, अवैध शिकार (Poaching), जलवायु परिवर्तन और मानव-वन्यजीव संघर्ष के कारण कई प्रजातियों पर विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है। ऐसी स्थिति में भारत के नेशनल पार्क्स (National Parks) इन लुप्तप्राय जीवों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल बनकर उभरे हैं।
भारत के विभिन्न राष्ट्रीय उद्यानों में सुरक्षित रह रहे कुछ सबसे महत्वपूर्ण और दुर्लभ जीव इस प्रकार हैं:
1. बंगाल टाइगर (Bengal Tiger)
बंगाल टाइगर भारत का सबसे प्रतिष्ठित वन्यजीव है। रणथंभौर नेशनल पार्क, बांधवगढ़ नेशनल पार्क और जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क जैसे रिजर्व में पाए जाने वाले ये बाघ पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 'प्रोजेक्ट टाइगर' के तहत किए गए संरक्षण प्रयासों से इनकी संख्या में सुधार हुआ है, लेकिन जंगलों का कटना और अवैध शिकार आज भी इनके लिए बड़ी चुनौती है।
2. स्नो लेपर्ड / हिम तेंदुआ (Snow Leopard)
पहाड़ों के भूत ("Ghost of the Mountains") के नाम से मशहूर, यह रहस्यमयी जीव भारत के ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में रहता है। लद्दाख का 'हेमिस नेशनल पार्क' इस दुर्लभ शिकारी को देखने के लिए सबसे बेहतरीन जगहों में से एक है। जलवायु परिवर्तन और शिकार की कमी के कारण इनकी आबादी लगातार खतरे में बनी हुई है।
3. रेड पांडा (Red Panda)
पूर्वी हिमालय के ठंडे और बांस के जंगलों में रहने वाला बेहद खूबसूरत 'रेड पांडा' भी विलुप्तप्राय जीवों की सूची में है। पश्चिम बंगाल का सिंगालीला नेशनल पार्क और सिक्किम के कुछ हिस्से इनके प्रमुख आवास हैं। वनों की कटाई इनके अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा खतरा बनी हुई है।
4. एशियाई शेर (Asiatic Lion)
पूरी दुनिया में एशियाई शेर केवल भारत के गुजरात में स्थित 'गिर नेशनल पार्क' में ही पाए जाते हैं। एक समय यह प्रजाति पूरी तरह खत्म होने की कगार पर थी, लेकिन कड़े संरक्षण प्रयासों के कारण इनकी आबादी में काफी सुधार हुआ है। हालांकि, एक ही सीमित क्षेत्र में रहने के कारण किसी महामारी या प्राकृतिक आपदा से इनके अस्तित्व को बड़ा खतरा हो सकता है।
5. ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (Great Indian Bustard)
यह दुनिया के सबसे दुर्लभ और भारी उड़ने वाले पक्षियों में से एक है, जो गंभीर रूप से संकटग्रस्त (Critically Endangered) है। यह मुख्य रूप से राजस्थान के 'डेजर्ट नेशनल पार्क' में पाया जाता है। हाई-वोल्टेज बिजली के तार, घास के मैदानों की कमी और शिकार ने इस पक्षी को विलुप्ति की कगार पर पहुंचा दिया है।
6. एक सींग वाला गेंडा (One-horned Rhinoceros)
भारत में एक सींग वाले गेंदे का संरक्षण दुनिया के सबसे सफल वन्यजीव अभियानों में से एक माना जाता है। असम का 'काजीरंगा नेशनल पार्क' इन विशाल शाकाहारी जीवों की सबसे बड़ी आबादी का घर है। अवैध शिकार विरोधी सख्त कदमों से इनकी संख्या बढ़ी है, हालांकि बाढ़ और अवैध शिकार का खतरा अभी भी टला नहीं है।
7. लायन-टेल्ड मकाक (Lion-tailed Macaque)
पश्चिमी घाट (Western Ghats) में पाया जाने वाला लायन-टेल्ड मकाक भारत के सबसे दुर्लभ बंदरों (Primates) में से एक है। केरल का 'साइलेंट वैली नेशनल पार्क' इनका प्रमुख निवास स्थान है। विकास कार्यों और खेती के लिए वर्षावनों (Rainforests) की कटाई के कारण इनका जीवन संकट में है।
निष्कर्ष:
भारत के ये राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभ्यारण्य इन लुप्तप्राय प्रजातियों को बचाने की अंतिम उम्मीद हैं। पर्यावरणविदों का मानना है कि इन जीवों को बचाने के लिए न केवल सरकारी स्तर पर कड़े कानूनों की आवश्यकता है, बल्कि आम जनता में भी पर्यावरण के प्रति जागरूकता होना बेहद जरूरी है।


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